अगर आपने स्टॉक मार्केट में कभी भी काम किया है, तो आपने शायद “इंडेक्स फंड” शब्द के बारे में जरुर ही सुना होगा।
लेकिन ज़्यादातर लोग इसे पूरी और सही तरह से नहीं समझते कि यह क्या करता है,
और यह म्यूचुअल फंड या ETF से कैसे अलग है।
शुरू करें –
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इंडेक्स फंड क्या है?
सीधे शब्दों में कहें तो, इंडेक्स फंड एक म्यूचुअल फंड होता है जो किसी इंडेक्स (जैसे निफ्टी 50 या सेंसेक्स) को हूबहू सही तरीके से कॉपी करता है।
यानी, अगर निफ्टी में 50 कंपनियाँ हैं, तो इंडेक्स फंड उन्हीं 50 कंपनियों के शेयरों में, बिल्कुल सही अनुपात में निवेश करता है।
इसीलिए इसे “पैसिव फंड” भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें कोई फंड मैनेजर यह तय नहीं करता कि कौन से शेयर खरीदने हैं – फंड बस इंडेक्स को ही फॉलो करता है।
एक सरल उदाहरण से समझें–
मान लीजिए आपने निफ्टी 50 इंडेक्स फंड में ₹10,000 इन्वेस्ट किए।
आपका पैसा रिलायंस, TCS, इंफोसिस, HDFC बैंक, ICICI बैंक, ITC, टाटा मोटर्स, वगैरह जैसी 50 कंपनियों में बराबर बाँट दिया जाएगा।
अगर निफ्टी 50 इंडेक्स बढ़ता है, तो आपका फंड भी थोड़ा बढ़ेगा।
अगर निफ्टी गिरता है, तो आपका फंड भी थोड़ा गिरेगा।
यानी, एक इंडेक्स फंड का परफॉर्मेंस पूरी तरह से उस इंडेक्स के परफॉर्मेंस अच्छे से जुड़ा होता है।
How Does an Index Fund Work? (इंडेक्स फंड कैसे काम करता है?)
हर देश का स्टॉक मार्केट अपनी कुछ लीडिंग कंपनियों को ग्रुप करता है – इन्हें “इंडेक्स” कहा जाता है।
भारत में दो सबसे पॉपुलर इंडेक्स हैं:
सेंसेक्स (BSE इंडेक्स) – 30 टॉप कंपनियाँ
निफ्टी 50 (NSE इंडेक्स) – 50 टॉप कंपनियाँ
अब, जब आप किसी इंडेक्स फंड में इन्वेस्ट करते हैं,
तो फंड इन कंपनियों में इन्वेस्ट करता है और इंडेक्स की तरह ही मूव करता है।
उदाहरण:
अगर आज निफ्टी 50 1% ऊपर जाता है, तो आपका इंडेक्स फंड भी लगभग 1% ऊपर जाएगा।
अगर निफ्टी 1% नीचे जाता है, तो आपका फंड भी उतनी ही मात्रा में गिरेगा।
Why are Index Funds called “Passive”? (इंडेक्स फंड्स को “पैसिव” क्यों कहा जाता है?)
क्योंकि इसमें कोई “एक्टिव फंड मैनेजर” यह तय नहीं करता कि कौन से स्टॉक आपको खरीदने हैं।
आपका फंड बस इंडेक्स को बारीकी से फॉलो करता है।
इस वजह से:
खर्च बहुत कम होता है,
गलती की गुंजाइश बहुत ही कम होती है,
और रिटर्न स्टेबल होते हैं।
How is the Index Selected? (इंडेक्स कैसे चुना जाता है?)
स्टॉक एक्सचेंज इंडेक्स बनाने के लिए कुछ खास मापदंड (Criteria) ध्यान से तय करते हैं—
जैसे:
कंपनी का मार्केट पूँजीकरण (Capitalization)
लिक्विडिटी (जिस आसानी से शेयर खरीदे और बेचे जा सकते हैं)
Performance (निष्पादन)
सेक्टर रिप्रेजेंटेशन
इंडेक्स कंपनियां हर छह महीने या एक साल में बदल सकती हैं।
इसलिए, इंडेक्स फंड भी अपनी स्वामित्व को अपडेट करते रहते हैं।
Index Fund vs Active Mutual Fund (इंडेक्स फंड बनाम एक्टिव म्यूचुअल फंड)
| Aspect of Comparison | Index Fund | Active Mutual Fund |
| Management Type | Passive | Active |
| Expense Ratio | Very low (0.1%–0.3%) | High (1%–2%) |
| Return Source | Copies the index | Fund Manager’s Decision |
| Risk | Less | More |
| Target | Index-Like Returns | Delivering Better Returns than the Index |
| Tax Efficiency | High | Moderate |
| Tracking Error | Might be Possible | Not Applicable |
| Ideal For | Long-Term Investors | High-Risk Investors |
मतलब, अगर आप एक स्टेबल, बहुत कम लागत वाला और भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट चाहते हैं – तो इंडेक्स फंड एक बढ़िया और सही ऑप्शन हैं।
What is a Tracking Error? (ट्रैकिंग एरर क्या है?)
कभी-कभी, इंडेक्स फंड का रिटर्न इंडेक्स के रिटर्न से थोड़ा अलग होता है।
इसे ट्रैकिंग एरर कहते हैं।
ऐसा क्यों होता है?
कई वजहों से, इंडेक्स फंड हर स्टॉक में इंडेक्स के बिल्कुल सही अनुपात में इन्वेस्ट नहीं कर पाते हैं।
उदाहरण के लिए:
डिविडेंड टाइमिंग में कोई अंतर
एक्सपेंस रेश्यो का कुछ असर
कैश बैलेंस में अंतर
अच्छे फंड्स में ट्रैकिंग एरर बहुत कम होता है (0.1%–0.5%).
Benefits of Index Funds (इंडेक्स फंड के फायदे)
- बहुत ही कम खर्च
- क्योंकि इसमें कोई एक्टिव मैनेजमेंट नहीं होता, इसलिए एक्सपेंस रेश्यो बहुत कम होता है।
- इसका मतलब है कि आपके रिटर्न में ज़्यादा पैसा इन्वेस्ट होता है।
- पारदर्शिता
- आपको हमेशा पता रहता है कि आपका पैसा किन कंपनियों में इन्वेस्ट किया गया है—
- क्योंकि यह इंडेक्स में पहले से तय होता है।
- स्थिरता
- इंडेक्स फंड्स में एक्टिव फंड्स की तुलना में बहुत कम उतार-चढ़ाव होता है।
- अच्छा लॉन्ग-टर्म रिटर्न
- डेटा से पता चलता है कि पिछले 10-15 सालों में ज़्यादातर एक्टिव फंड्स इंडेक्स फंड्स को पीछे नहीं छोड़ पाए हैं।
- डायवर्सिफिकेशन
- निफ्टी 50 या सेंसेक्स फंड में इन्वेस्ट करके, आप एक साथ देश की टॉप कंपनियों में इन्वेस्ट करते हैं—
- जिसका मतलब है कि आपका रिस्क अपने आप बँट जाता है।
Know the Disadvantages Too (नुकसान भी जानें)
- अगर इंडेक्स गिरता है, तो आपका फंड भी गिरेगा — इसमें कोई एक्टिव मैनेजर नहीं होता जो मार्केट क्रैश के दौरान आपकी स्ट्रेटेजी को अचानक बदल सके।
- ट्रैकिंग एरर — इंडेक्स और फंड रिटर्न में थोड़ा अंतर हो सकता है।
- लिमिटेड रिटर्न — एक इंडेक्स फंड उतना ही रिटर्न देगा जितना इंडेक्स देगा, उससे ज़्यादा कभी नहीं।
- ट्रेडर्स के लिए बोरिंग — अगर आपको रोज़ाना एक्साइटमेंट चाहिए, तो यह आपके लिए सही नहीं है।
How to Invest in Index Funds? (इंडेक्स फंड में निवेश कैसे करें?)
- स्टेप – सही इंडेक्स चुनें
भारत देश में पॉपुलर इंडेक्स फंड:
निफ्टी 50 इंडेक्स फंड
सेंसेक्स इंडेक्स फंड
निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड
निफ्टी मिडकैप 150 फंड
निफ्टी बैंक फंड
2. स्टेप – एक AMC या ऐप चुनें
आप इन ऐप्स से आसानी से इन्वेस्ट कर सकते हैं:
Groww
Zerodha Coin
ET Money
Kuvera
Paytm Money
3. स्टेप – इन्वेस्टमेंट का तरीका चुनें
SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान): हर महीने ₹500–₹1000 से शुरू करें
लंप सम: अपनी पूरी रकम एक साथ इन्वेस्ट करें:
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उदाहरण: इंडेक्स फंड बनाम FD बनाम एक्टिव फंड (10 साल में ₹1 लाख का निवेश)
| Investment Options | Annual Return | Total Amount After 10 Years |
| Fixed Deposit | (6%) | ₹1.79 Lakh |
| Index Fund | (12%) | ₹3.10 Lakh |
| Active Fund | (13%) | ₹3.40 Lakh |
देखिए – इंडेक्स फंड्स FD के मुकाबले लगभग दोगुना रिटर्न देते हैं, और एक्टिव फंड्स से बस थोड़ा ही पीछे हैं – और वह भी बहुत कम कीमत पर!
Some of the Best Index Funds (2025 तक कुछ बेहतरीन इंडेक्स फंड)
| Name of the Fund | Type | Expense Ratio | 5-Year Average Return |
| UTI Nifty 50 Index Fund | Nifty 50 | 0.20% | 13.2% |
| HDFC Index Fund – Sensex Plan | Sensex | 0.25% | 12.9% |
| ICICI Prudential Nifty Next 50 Index Fund | Nifty Next 50 | 0.30% | 15.8% |
| Nippon India Nifty BeES | ETF/Index | 0.05% | 13.4% |
| Motilal Oswal Nifty Midcap 150 Fund | Midcap Index | 0.35% | 17.2% |
Expert Tips:
अगर आप इन्वेस्टिंग में नए हैं और ज़्यादा सोचे बिना इन्वेस्ट करना चाहते हैं,
तो निफ्टी 50 इंडेक्स फंड से आप शुरुआत करें।
5-10 साल के लॉन्ग-टर्म नज़रिए से इन्वेस्ट करें।
बाज़ार में होने वाले छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव को आप नज़रअंदाज़ करें।
SIP को ऑटो-डेबिट पर सेट करें—ताकि आप रेगुलर इन्वेस्ट करते रहें।
अपने पोर्टफोलियो को साल में कम से कम एक बार रिव्यू करें, लेकिन बार-बार बदलाव न करें।
Bonus: What is Nifty Next 50? (निफ्टी नेक्स्ट 50 क्या है?)
निफ्टी 50 के बाद की 50 कंपनियाँ—जिनसे भविष्य में टॉप कंपनियाँ बनने की उम्मीद है—
उन्हें निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स कहा जाता है।
अगर आप थोड़ा ज़्यादा ग्रोथ और थोड़ा ज़्यादा रिस्क चाहते हैं,
तो “निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड” एक बढ़िया और भरोसेमंद ऑप्शन है।
निष्कर्ष:
इंडेक्स फंड उन इन्वेस्टर्स के लिए अच्छे से डिज़ाइन किए गए हैं जो कम लागत और कम रिस्क के साथ लंबे समय में अपनी दौलत बढ़ाना चाहते हैं।
यह एक्टिव फंड की तरह “मार्केट को हराने” की कोशिश नहीं करता, बल्कि मार्केट का हिस्सा बनकर ही बढ़ता है।
इसलिए, अगर आप स्टॉक मार्केट में नए हैं और बिना किसी परेशानी के शुरुआत करना चाहते हैं,
तो इंडेक्स फंड आपके लिए एकदम सही इन्वेस्टमेंट है।
याद रखें—
“लंबे समय में, सिर्फ़ स्थिर इन्वेस्टमेंट ही मार्केट से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।”