Mutual Fund और ETF में क्या अंतर है? आपके लिए कौन सा बेहतर है? – आसान भाषा में पूरी गाइड (2025)

आइए शुरू करते हैं – म्यूचुअल फंड और ETF क्या हैं?

ये दोनों आसान इन्वेस्टमेंट टूल हैं जो आपको एक साथ कई कंपनियों में इन्वेस्ट करने की सही से सुविधा देते हैं,
जिससे आपका पैसा एक जगह फंसा नहीं रहता और आपका रिस्क भी काफी कम हो जाता है।

What's the Difference Between a Mutual Fund and an ETF

लेकिन उनके काम करने के तरीके, निवेश के तरीके,
और कंट्रोल थोड़े अलग ही होते हैं।

तो, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं:

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What is Mutual Fund? (म्यूचुअल फंड क्या है?)

म्यूचुअल फंड एक ऐसा फंड होता है जहाँ कई निवेशक अपना पैसा एक साथ लगाते हैं।

एक फंड मैनेजर उस पैसे को अलग-अलग स्टॉक, बॉन्ड या दूसरे इन्वेस्टमेंट में इन्वेस्ट करता है।

यानी, आप सीधे कोई भी शेयर नहीं खरीदते हैं;

बल्कि, एक प्रोफेशनल एक्सपर्ट आपके लिए सही और अच्छा शेयर चुनता है।

उदाहरण:
अगर आप “HDFC इक्विटी फंड” में ₹1,000 इन्वेस्ट करते हैं,
तो आपका पैसा रिलायंस, इंफोसिस, HDFC बैंक और टाटा मोटर्स जैसी कई कंपनियों में बाँट दिया जाएगा।

आपको अपने पैसे के बदले सिर्फ़ कुछ यूनिट्स मिलती हैं।

इन यूनिट्स की कीमत हर दिन बदलती रहती है, जिसे NAV (नेट एसेट वैल्यू) कहते हैं।

What is ETF? (ETF क्या है?)

एक ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) को “म्यूचुअल फंड जो स्टॉक की तरह ही ट्रेड करता है” कहा जा सकता है।

एक ETF किसी इंडेक्स (जैसे निफ्टी 50 या सेंसेक्स) को सही से ट्रैक करता है
और उसकी सभी कंपनियों में बराबर निवेश करता है।

लेकिन फर्क यह है कि आप ETF यूनिट्स को सीधे स्टॉक मार्केट में खरीद और बेच सकते हैं।

उदाहरण:
अगर आपने “निप्पॉन इंडिया निफ्टी BeES ETF” खरीदा है,
तो आप एक साथ सभी 50 निफ्टी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं—
लेकिन सिर्फ स्टॉक मार्केट के ज़रिए।

Mutual Fund vs ETF – Key Differences at a Glance (म्यूचुअल बनाम ईटीएफ – मुख्य अंतर एक नज़र में (2026)

Aspect of ComparisonMutual FundETF
Investment MethodAMC (like Groww, from ET Money)Through Stock Market (Demat Account required)
Who Manages it?Fund ManagerAutomatically tracks indexes
Buy SellOnce a day (as per NAV)Like Share in Real Time
Expense RatioSlightly higher (0.5%–1.5%)Very low (0.05%–0.3%)
Need for a Demat AccountNoYes
LiquidityLow (because of NAV based trading)High (Instant trade in the market)
Tax EfficiencyModerateHigh (due to low trading)
Minimum InvestmentStarting at ₹100 or SIPStarting from 1 unit (₹100–₹500)
ControlLow (depends on the manager)More (Can buy/sell on your own)
Ideal ForEarly investorsSlightly experienced investors

Understand this With an Example (इसे एक उदाहरण से समझें)

मान लीजिए कि आप दोनों ऑप्शन में ₹10,000 इन्वेस्ट करना चाहते हैं:

म्यूचुअल फंड में:
आप “एक्सिस ब्लूचिप फंड” में ₹10,000 इन्वेस्ट करते हैं।
आपको 100 यूनिट मिलते हैं (NAV ₹100)।
एक साल बाद, NAV ₹115 हो जाता है → यानी आपको आसानी से ₹1,500 का प्रॉफ़िट होता है।

ETF में:
आप “निफ्टी 50 ETF” में ₹10,000 इन्वेस्ट करते हैं।
आपको 100 यूनिट मिलते हैं (कीमत ₹100)।
एक साल बाद, ETF की कीमत ₹116 हो जाती है → यानी आपको ₹1,600 का लाभ १ साल में होता है।

फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि ETF में “खरीदना और बेचना” स्टॉक मार्केट के ज़रिए ही होता है,
जबकि म्यूचुअल फंड में सब कुछ AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) बहुत अच्छे से मैनेज करती है।

Advantages of ETF (ईटीएफ के फायदे)

  1. कम खर्च – ETFs की मैनेजमेंट फीस बहुत ही कम होती है।
  2. रियल-टाइम ट्रेडिंग – आप किसी भी समय आसानी से खरीद और बेच सकते हैं।
  3. पारदर्शिता – आपको हर दिन पता होता है कि आपका पैसा कहाँ है।
  4. टैक्स-कुशल – कम ट्रेडिंग का मतलब है बहुत ही कम टैक्स।

Benefits of Mutual Funds (म्यूचुअल फंड के फायदे)

  1. बहुत ही आसान और सरल – डीमैट अकाउंट के बिना भी इन्वेस्टिंग अच्छे से संभव है।
  2. प्रोफेशनल मैनेजमेंट – फंड मैनेजर आपके लिए अच्छे तरीके से रिसर्च करता है।
  3. SIP सुविधा – आप हर महीने थोड़ी रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं।
  4. अलग-अलग ऑप्शन – इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, सेक्टोरल – सब कुछ।

Also Know the Disadvantages of Both (दोनों के नुकसान भी जानें)

ETF के नुकसान:
डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट बहुत ज़रूरी हैं

ब्रोकरेज फीस लगती है

लिक्विडिटी कभी-कभी कम होती है

म्यूचुअल फंड के नुकसान:
एक्सपेंस रेश्यो थोड़ा ज़्यादा होता है

NAV दिन में सिर्फ़ एक बार तय होता है

कुछ फंड्स पर एग्जिट लोड लगता है

रिटर्न की तुलना (2020–2026 के डेटा के आधार पर औसत अनुमान)

Investment Options5 Year Average ReturnRisk LevelCost
Nifty 50 ETF13–15%ModerateVery Little
Large Cap Mutual Fund12–14%ModerateMedium
Mid Cap Mutual Fund14–17%HighMedium
Gold ETF8–10%LowSmall

इसका मतलब है कि रिटर्न लगभग समान हैं, लेकिन ETF के साथ खर्च और टैक्स बचत थोड़ी ज़्यादा होती है।

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Which is Better? (ETF or Mutual Fund- कौन सा बेहतर है?)

यह आपकी ज़रूरत पर निर्भर करता है:
आप कौन हैं?Better for you
Brand new investorMutual Fund
Have a Demat Account and know share tradingETF
Want to do SIP?Mutual Fund
Want to follow the index at a low costETF
Long Term InvestorsEither of the two

How to invest? (निवेश कैसे करें?)

Mutual Funds:
Apps: Groww, Zerodha Coin, ET Money, Kuvera

SIP or Lump Sum options (both options)

ETF:
Apps: Zerodha, Upstox, Angel One, Groww

Demat account required

बाजार भाव को अच्छे से देखकर खरीदें।

विशेषज्ञ की सलाह:

अगर आप बिल्कुल नए हैं—
तो म्यूचुअल फंड में आराम से शुरू करें।

धीरे-धीरे, जैसे-जैसे आपको मार्केट की अच्छी समझ हो जाए,

तो ETFs में इन्वेस्ट करें।

आप एक मिक्स भी बना सकते हैं:

70% म्यूचुअल फंड

30% ETFs

इससे आपको दोनों के फायदे मिलेंगे—

सही सुरक्षा और फ्लेक्सिबिलिटी रहेगीं।

निष्कर्ष:

म्यूचुअल फंड और ETF दोनों ही बेहतरीन इन्वेस्टमेंट ऑप्शन हैं,
जो लंबे समय में पैसा बनाने के लिए बहुत काम आते हैं।

म्यूचुअल फंड आपको आसान रास्ता देते हैं—
जिसमें मैनेजर सब कुछ संभालता है।

ETF आपको कंट्रोल देते हैं—
जिसमें आप तय करते हैं कि कब खरीदना और बेचना है।

संक्षेप में—
म्यूचुअल फंड एक “आरामदायक सफ़र” है,
और ETF एक “स्मार्ट, कंट्रोल्ड सफ़र” है।

दोनों का मंज़िल एक ही है—
आर्थिक आज़ादी।

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